Read Blog

Welcome to the Blog Society Blog, where creativity and inspiration collide. Your daily dose of news, tips, information and ideas straight to your inbox.

www.rawnasampark.com

कवि राजेन्द्र bn,bn,n,

"बतौर सुधार वक्त तो लगता है हर झटके से उबरने में मगर आदमी है झटके देना, झटके खाना, झटके झेलना सब मानवीय प्रकृति है यही सब हमारे जीवन में होता रहता है, मगर मनुष्य कभी जीवन जीना नहीं छोडता और और जो इस विचारधारा को नहीं मानता वो एक तरह से नकारात्मक सोच का ही प्राणी हो सकता है साथियों हमें काफी समय आप सब लोगों के साथ समूह में रहते हो गया है,बहुत बातें जो अच्छी थी वो हमने यहां पर सीखी है और आगे भी यही प्रक्रिया रहेगी, मगर जिस बात ने सबसे ज्यादा खुशी है वो है रावणा राजपूत समाज की एकता रूपी ज्योति जो प्रकाशित और आलोकित कर रही है पूरे राजस्थान को पिछले दस महीने से लगातार कही ना कहीं हमारे समाज ने जोरदार और एक आक्रामक मगर बहुत ही अनुशासित रूप से अपनी बात शासन प्रशासन के समक्ष रखी है वो बात और एकता ही हमारी नई पहचान बन गयी है इतिहास में कई नामों से परिभाषित हमारी समाज ने अपने आप को रावणा राजपूत समाज के नाम से स्थापित कर दिया है यह बहुत ही गौरव की बात है, क्या हम यह समझ सकते हैं कि हमने समाज में शिक्षा को महत्व दिया है जी हां बिल्कुल हमने इस कमी को बहुत बडी सीमा तक सफलता पूर्वक पूरा किया है किसी जमाने में इस समाज में मात्र चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी या सरकारी ड्राइवर ही मिलते थे वहां आज बहुत से प्रशासनिक और राजपत्रित अधिकारी हर हाल में समाज के लिए खडे नजर आते हैं और सफलता का यह क्रम आगे भी यु ही चलता रहेगा क्योंकि की अब समाज ने अपनी एक दिशा तय कर दी है और वो दिशा है शिक्षा के साथ एकता के मूलमंत्र को अपनाकर आगे बढ़ना, आज समाज को सबसे भयानक बुराई जो शराब और कबाब की है उससे निपटने की पूरी तैयारी कर लेनी चाहिए जो हमारे विकास और संगठन की सबसे बडी बाधा है, मित्रों लिखने की आदत कभी छूटती नहीं और अच्छा और सच्चा भी लिखना जरूरी है क्योंकि कि हमारे समाज में कमियां ढूंढने पर बहुत मिल जायेगी और यह हर समाज की समस्या है मगर अच्छाइया भी तो यही मिलेगी माना कि अंधेरा घना है पर दिया जलाना कहां मना है, दोस्तों उम्मीद का दामन कभी ना छोडो बस अपने समाज से नाता जोडो बहुत मिठास मिलेगी हमारे समाज में, आज समाज के तरह तरह के सकारात्मक आयोजन में हजारों की संख्या में बंधुओ का आना ही यह प्रमाणित करता है कि अब ना रुकेगा रावणा ना झुकेगा रावणा दोस्तों जिस तरह से आगे बढकर स्वयं की रावणा राजपूत पहचान बताने की जो परम्परा हमारे समाज में आई है ना वो परम्परा ही हमारी जीत और एकता का कारण है दोस्तो बहुत से भाईयो ने माताओं ने युवाओ ने वरीष्ठजनो ने बुजुर्गो ने इस समाज की मजबूती के लिये अपना योगदान दिया है और सबका अभिनन्दन है समाज के हर मंच और जाजम पर कि ये योगी है जो अपना कीमती समय समाज के लिए दे रहे है, और रही बात राजनीतिक हक प्राप्त करने कि तो वो हक भी हम अवश्य प्राप्त कर लेंगे मगर एक चेतना वहां पर चिंगारी से हि आयेगी पहले निचले स्तर से हम शुरुआत करके धीरे धीरे बडे स्तर तक पहुंच पायेगे मगर समय लगेगा हाथों हाथ या रातो रात सफलता ना मिली है ना भविष्य में मिलेगी और सबसे मजबूत बात तो यह कि इतनी बडी लडाई लडे तो कैसे किसके नेतृत्व में और कौन है जो समाज का आगेवान है जो समाज की हर परिस्थिति में नेतृत्व कर सके, साथियों बीना नायक के लडाईया नहीं लडी जाती जीतना तो दूर की बात है, नायकविहीन सेना कभी कोई मोर्चा नही मार सकती, यह मैं नहीं इतिहास कहता है और तो हमारे समाज के हर बडे व्यक्ति के मुह से मैने भी सुना है हमे भी एक जननायक की जरूरत है जैसा अन्य समाजों में है तो पैदा करो नायक फिर बैठाओ विनायक और बना दो विधायक जय माताजी हर हर महादेव"